ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई
भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच कर रही Central Bureau of Investigation (CBI) ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बड़ा कदम उठाते हुए आरोपी सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की है। एजेंसी ने अदालत से गिरिबाला सिंह की कस्टडी भी मांगी है ताकि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा सके।
यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब CBI की एंट्री के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
क्या है ट्विशा शर्मा मामला?
ट्विशा शर्मा, जो नोएडा की रहने वाली थीं, की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। मई 2026 में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था, जिसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई।
CBI ने हाईकोर्ट में क्या कहा?
सीबीआई और राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। एजेंसी ने दावा किया कि उन्हें कई बार पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए, लेकिन वह पेश नहीं हुईं।
सीबीआई ने अदालत से कहा कि गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत जांच को प्रभावित कर सकती है और मामले के तथ्यों तक पहुंचने में बाधा बन रही है। इसी आधार पर उनकी बेल रद्द करने और कस्टडी देने की मांग की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई गंभीरता
रिपोर्ट्स के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है। मामले में दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश भी दिए गए हैं, जिसकी जांच AIIMS दिल्ली की टीम करेगी।
इसी बीच आरोपी पति समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर CBI रिमांड पर भेजा गया है। एजेंसी अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
हाईकोर्ट में सुनवाई पर टिकी नजरें
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने को लेकर लगातार सुनवाई चल रही है। पीड़ित परिवार ने भी अदालत से न्याय की मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत को लगे कि जांच प्रभावित हो रही है या आरोपी सहयोग नहीं कर रहा, तो अग्रिम जमानत रद्द की जा सकती है।
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
ट्विशा शर्मा मौत मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। सोशल मीडिया पर भी लोग मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
महिला सुरक्षा, दहेज प्रताड़ना और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
निष्कर्ष
ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI की ओर से गिरिबाला सिंह की बेल रद्द करने और कस्टडी मांगने से केस ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की दिशा तय कर सकता है।
